महराजगंज, रायबरेली। औषधि विभाग ने गलत इलाज और दवा देने के गंभीर मामले में रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया। टीम ने माँ भगवती मेडिकल स्टोर पूरे नया पोस्ट चंदापुर से दवाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, शुक्रवार को एक युवक की मेडिकल स्टोर पर इलाज के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए 21 मार्च को अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच शुरू की गई। रतापुर स्थित जेएन अस्पताल के डॉक्टरों से मृतक दशरथ के इलाज की जानकारी ली गई, वहीं थाना चंदापुर के प्रभारी से भी पूछताछ की गई।
जांच में पता चला कि 8 मार्च को मेडिकल स्टोर के मालिक व फार्मासिस्ट आलोक कुमार की गैरमौजूदगी में उनके भाई आदित्य कुमार ने अवैध रूप से मरीज को DNS (500 ml) की डेढ़ बोतल, NS (100 ml) की एक बोतल, साथ ही Monocef 250, Vomikind इंजेक्शन और Pantop मिलाकर लगा दिया। मृतक के भाई जितेंद्र कुमार के अनुसार, इलाज के अगले ही दिन दशरथ के पूरे शरीर में सूजन आ गई थी। हालत बिगड़ने पर 17 मार्च को उसे जे.एन. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुधार न होने पर 20 मार्च को उसे एम्स रेफर किया गया। हालांकि, एम्स पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
थाना प्रभारी ने बताया कि मेडिकल स्टोर से चार दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस की मौजूदगी में स्टोर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
