अपहरण किए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। रास्ते में महिला का शोरगुल सुनकर किसी ने पुलिस को खबर कर दी

रायबरेली सोमवार को एक महिला के हाथ पैर बांधकर कार से अपहरण किए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। रास्ते में महिला का शोरगुल सुनकर किसी ने पुलिस को खबर कर दी। जिसके बाद शहर के रतापुर चौराहे पर कार को रोक लिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद महिला के मानसिक रूप से बीमार होने की बात कही है। थानाध्यक्ष मिल एरिया संजय सिंह ने बाताया कि महिला का मानसिक संतुलन सही नहीं है। परिवारजन उसका इलाज कराने के लिए लखनऊ ले जा रहे थे। इसलिए पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पता करने पर महिला ऊंचाहार कस्बा के पूरे इचनी की रहने वाली बताई गई है।जानकारी के अनुसार सोमवार को कार नम्बर यूपी 32 सीएम 5050 पर एक महिला को संदिग्ध परिस्थियों में हाथ पैर बांधकर ले जाते हुए देखा गया। यह कार ऊंचाहार से लखनऊ की तरफ जा रही थी। जिसमें महिला के मुंह पर भी कपड़ा बंधा हुआ था। राहगीरों को शक होने पर लोगों ने कार का पीछा कर लिया। इसी बीच एक बाइक सवार ने रतापुर चौराहे पर पहुंच कर पुलिस की मदद से कार रोकवा ली। इसके बाद जब महिला का मुंह खोला गया तो वह चीख चीख कर मदद की गुहार लगाने लगी। उसका कहना था कि भाई संतोष, अशोक उसे जान से मारना चाहते हैं। पुलिस केस चल रहा है। घर पर भी इन लोगों ने मारपीट की है। मुझे पागलखाने ले जाकर इंजक्शन से पागल करना चाह रहे हैं। इन लोगों ने फर्जी कागज बनवा रखा है। इस तरह महिला के बयानों को सुनकर पुलिस को भी मामला संदिग्ध लगा। जिस पर पुलिस ने गहनता से पड़ताल की तो पता चला कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। थानाध्यक्ष मिल एरिया ने बताया कि यह महिला ऊंचाहार की रहने वाली है। जिसका इलाज कराने के लिए भाई भौजाई उसे लखनऊ ले जा रहे थे। रास्ते में जगतपुर में भी इनसे पूछताछ हुई थी। विवाद जैसा कोई मामला नहीं था इसलिए पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
