इंटरलॉकिंग कार्य में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल
सरकारी धन का किया जा रहा जमकर बंदरबांट।

विकासखंड महराजगंज के ग्राम पंचायत कैर का है। जहां पर खंड विकास अधिकारी एवं डीसी मनरेगा के नाक के नीचे फर्जीवाडा करके कई लाख रुपए के सरकारी धन का गवन कर लिए जाने का मामला जन चर्चा का विषय बना है। साथ ही साथ जिम्मेदार साहबों की निष्ठा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता और खाऊ कमाऊ नीति के चलते ब्लाक महराजगंज की कई ग्राम कैर में भ्रष्टाचार की गंगा बहती नजर आ रही है। भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी ग्राम पंचायतों की बात करें तो जहां मनरेगा से लगाए गए इंटरलॉकिंग कार्य में हकीकत के धरातल पर कीचड़ से भरा पुरानी ईट का कडंजा ही नजर आ रहा है। और भुगतान में इंटरलॉकिंग बनाकर लाखों रुपया का हिसाब दिखाकर डकार लिया गया। मौके पर मौजूद मिले ग्रामीणों की जुबानी सत्य माने तो ज्यादातर इंटरलॉकिंग हुआ ही नहीं हुआ तो बस कागजों पे धरातल पे बस कीचड़ से भरा कडंजा ही नजर आ रहा है।
ग्रामीणों की माने तो ग्राम पंचायत कैर में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा से करवाए गए इंटरलॉकिंग कार्य में फर्जी वाडा करके लाखों रुपए का गवन कर लिया गया। ग्राम पंचायत में फैले भ्रष्टाचार की अनूठी कहानी बयां कर रही है। इस खेल में ग्राम प्रधान से लेकर ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, के साथ-साथ जेई की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं।
