मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के प्रति अत्यंत गंभीर हैं

कानून की रखवाली के साथ ही अवैध शराब पर अंकुश, अवैध खनन और अवैध कटान जैसे गंभीर मुद्दों पर अत्यंत कठोर रुख अपनाये जाने को लगातार आदेशित करते रहते हैं।

रायबरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के प्रति अत्यंत गंभीर हैं। कानून की रखवाली के साथ ही अवैध शराब पर अंकुश, अवैध खनन और अवैध कटान जैसे गंभीर मुद्दों पर अत्यंत कठोर रुख अपनाये जाने को लगातार आदेशित करते रहते हैं।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर के बाद भी जिला आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस नहीं जाग रही है। दोनों विभागों की उदासीनता के चलते जिले के ग्रामीण इलाको में जोरों पर कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां धधक रही हैं। इन क्षेत्रों में आबकारी प्रवर्तन की टीम व पुलिस दोनों दूर-दूर नजर नहीं आती हैं। जिम्मेदार अभियान चलाने के बजाय एसी कार्यालय में बैठे दिखाई देतें हैं। इस गोरखधंधे में संलिप्त लोगों की माने तो पुलिसिया संरक्षण के बिना अवैध शराब का कारोबार चलाया ही नहीं जा सकता है।
रायबरेली में आबकारी और पुलिस विभाग की उदासीनता और मिलीभगत की वजह से खुलेआम अवैध कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही हैं. गांव में सार्वजनिक रूप से अवैध कच्ची शराब बनाकर बेचने का धड़ल्ले से काम किया जा रहा है. जिस पर न तो आबकारी विभाग ही कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही स्थानीय पुलिस इस पर कोई कदम उठा रही है. भदोखर थाना क्षेत्र के कस्बे सहित लगभग एक दर्जन गांवों में अवैध कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही हैं.
भदोखर थाना क्षेत्र के भदोखर, कबूली का पुरवा, भुएमऊ सहित लगभग एक दर्जन गांवों में अवैध शराब की भट्ठियां धधक रही है और शराब व्यापारी खुलेआम कच्ची शराब बनाकर बेचने का काम कर रहे हैं. जिस पर न तो स्थानीय पुलिस ही कोई रोकथाम लगा पा रही है और ना ही आबकारी विभाग ही कोई कदम उठा रहा है।कच्ची शराब के व्यापारी पूरा सिस्टम बनाकर घर के ही छोटे-छोटे बच्चों को भट्टी के पास तैनात कर देते हैं और उन्हें रखवाली का जिम्मा देखकर खुद आसपास छिप जाते हैं, लेकिन जिस तरह भदोखर थाना क्षेत्र में खुलेआम अवैध शराब की भट्ठियां चल रही हैं. इससे विभाग की संलिप्तता साफ जाहिर होती है. यही कारण है कि इस पर अंकुश लगाने में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस पूरी तरह नाकाम है।आबकारी विभाग की लचर कार्यप्रणाली की वजह से अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह एक कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है. बीते कुछ वर्षों पहले महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से एक दर्जन से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। लेकिन आबकारी विभाग ने फिर अपने पुराने ढर्रे पर चलना शुरू कर दिया है. जिला आबकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है. बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जिला आबकारी अधिकारी से जिला नहीं संभल रहा है. यही कारण है कि पूरे जनपद से अवैध शराब को लेकर लगातार शिकायतें आ रही है।
भदोखर थाना क्षेत्र के भुएमऊ, जरौला, रघुनाथपुर कटैली, एक्सना, भदोखर, सनही, भैदपुर, कोला हैबतपुर पूरे माखा, भांव, कबूलिन, दरियापुर, सुलखियापुर, गढ़ीमुतवल्ली, मधुपुरी आदि गांवों में खुले आम कच्ची शराब की भट्ठियां धधकती रहती हैं। पुलिस और आबकारी का संरक्षण होने की वज़ह से किसी भी छापेमारी से पूर्व ही इनको सूचना मिल जाने से यदा—कदा ही पकड़ में आते हैं।
