बट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करेंगी प्रार्थना

महाराजगंज रायबरेली सनातन धर्म में बट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है कहते हैं बरगद के वृक्ष में त्रिदेव का वास होता है इसी दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान की मृत्यु के बाद यमराज से अपने सतीत्व के बल पर पति के प्राण वापस लाएं थे और सत्यवान को जीवनदान यमराज से दिलवाया था तभी से ये मान्यता लगातार चली आ रही है और अमावस्या के दिन बट सावित्री व्रत की पूजा महिलाएं करती हैं और बरगद के पेड़ पर कच्चा सूत बांधकर सती के समान त्रिदेव से पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं औरअनुसार बरगद के वृक्ष की पूजा होती है लेकिन वैज्ञानिक महत्व यह है कि इस वृक्ष से ऑक्सीजन का संचार होता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा है
