जिला रिपोर्टर
रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र में एक निजी अस्पताल द्वारा मरीज से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सोमवार को तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के समक्ष यह मामला प्रस्तुत किया गया।
डीह मजरे नरई निवासी अंकित मौर्य ने बताया कि 14 अगस्त को उनकी पत्नी रोहिणी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी महराजगंज ले गए। चिकित्सकों ने उनकी पत्नी की स्थिति नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आशा कार्यकर्ता अचल कुमारी के कहने पर वह अपनी पत्नी को जिला अस्पताल की बजाय चंदापुर मार्ग स्थित निजी हॉस्पिटल ले गए।अस्पताल में खून की जांच और दो यूनिट रक्त के नाम पर 19,000 रुपए लिए गए। सामान्य प्रसव के बावजूद अस्पताल संचालक ने ऑपरेशन के नाम पर 35,000 रुपए अतिरिक्त मांगे। विरोध करने पर अस्पताल संचालक ने अभद्र व्यवहार किया और पैसे न देने पर मां-बच्चे को न जाने देने की धमकी दी।जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आशा कार्यकर्ता अचल कुमारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया। साथ ही सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा को उजाला हॉस्पिटल की जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि टीम गठित कर जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर अस्पताल व संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
