बिलासपुर-संभाग:  हेड सुखदेव कुमार आजाद

बिलासपुर शहर की सड़कों पर इन दिनों अराजक यातायात व्यवस्था का भयावह चेहरा खुलकर सामने आ रहा है। मुख्य मार्गों और व्यस्त चौक-चौराहों पर रेत, गिट्टी और निर्माण सामग्री से ओवरलोडेड भारी वाहन बेखौफ सरपट दौड़ रहे हैं। नो-एंट्री जैसे स्पष्ट नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, मानो कानून का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका हो।
अशोकनगर चौक स्थित सीपत रोड, सरकंडा क्षेत्र का दृश्य तो और भी चिंताजनक है। यहां दिन के व्यस्ततम समय में हाईवा और ट्रैक्टरों की अनियंत्रित आवाजाही किसी संभावित महाविपदा की आहट देती प्रतीत होती है। रफ्तार, लापरवाही और प्रशासनिक शिथिलता का यह खतरनाक गठजोड़ शहरवासियों की सुरक्षा पर सीधा प्रहार कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वाहन मालिकों और चालकों में नियम-कायदों का तनिक भी भय नहीं बचा है। ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और यातायात संकेतों की अवहेलना अब सामान्य प्रवृत्ति बन चुकी है। स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों, कार्यालयीन कर्मचारियों, बुजुर्गों और राहगीरों की जिंदगी हर पल जोखिम के साये में गुजर रही है।
धूल के गुबार से वातावरण प्रदूषित हो रहा है, सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है और ट्रैफिक जाम आम समस्या बन चुकी है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही चेतना स्वीकार करेगा?
अब शहर की जागरूक जनता जवाब मांग रही है—क्या नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी, या फिर आम नागरिकों की सुरक्षा यूं ही प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ती रहेगी?

By RAKESH KUMAR

EDITER IN CHIEF RAKESH KUMAR SUPER INDIA NEWS TV Mo: 9140210037

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