जबलपुर! भारत माता को स्वतंत्र कराने अपने प्राणों की अहुति देने वाले अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के स्मृति दिवस पर देश भक्ति पूर्ण गीतों के द्वारा उन्हें याद किया गया। अवसर था गूंज एवं राष्ट्रीय ब्राहमण महासभा द्वारा आयोजित ‘एक शाम आजाद के नाम’ देशभक्तिपूर्ण गीतों की प्रस्तुति का। पं. मनीष दुबे, माधुरी उमेश मिश्रा, विवेकरंजन शुक्ला एवं मधुमेश मिश्रा के संयोजन एवं निर्देशन में आयोजित समारोह में पूरा वातावरण देशभक्तिपूर्ण रहा। जैसे ही वन्देमातरम्- वन्देमातरम एवं ऐ मेरे वतन के लोगों गीत का प्रस्तुतिकरण हुआ, पूरा वातावरण भावमय हो गया। इसी तरह मेरे देश प्रेमियों, ऐ मालिक तेरे वंदे हम, हम उस देश के वासी हैं, मेरा रंग दे बसंती चोला, इन्साफ की डगर से आदि गीतों ने सबको मोहित कर दिया।इनकी रही प्रस्तुतिसमारोह में डॉ. कृष्णकुमार दुबे,डॉ. अनिल वाजपेयी, कमल सिंह बघेल, मोहित मिश्रा,अर्चना गोस्वामी, हरीश चौरसिया, सुशील श्रीवास्तव, नीरज शुक्ला, डॉ. पूनम शर्मा,मिली खोखले, सुमन अग्रवाल,विनोद स्वामी, मनोज पाटकर, संतोष चंदेलिया, किरण कोष्टा ने देशभक्ति पूर्ण गीतों को प्रस्तुत कर सबको मोहित कर दिया।ये रहे अतिथि
आयोजन के अतिथि डॉ.हरिशंकर दुबे, अभिलाष पाण्डे विधायक, श्रीमती बिल्किस दुबे, डॉ. आर.एल. शिवहरे, मनोहर चौबे,विकाशरंजन शुक्ला, सत्येन्द्र ज्योतिषी,राजेश पाठक प्रवीण,डॉ. शिवनारायन तिवारी थे। अध्यक्षता डॉ. बैजनाथ गौतम ने की।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान पीढ़ि को स्वाधीनता संग्राम से परिचित कराने इस तरह के आयोजन का विशेष महत्व है। आजाद ने अपने बलिदान से देश की स्वतंत्रता में जो योगदान दिया है उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। समारोह का संचालन माधुरी उमेश मिश्र एवं आभार मनीष दुबे व विवेकरंजन शुक्ल ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. अभिजातकृष्ण त्रिपाठी, मीना हरिप्रसन्न त्रिपाठी,प्रमोद किंकर,डॉ.अजय तिवारी की उपस्थिति रही।
