गड्ढों में तब्दील हुई ओवर ब्रिज की सड़क, स्ट्रीट लाइटें गायब

बछरावां रायबरेली। कस्बे के बांदा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर राहगीरों के लिए आवागमन सुलभ करने व कस्बे के मुख्य चौराहे पर जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से हाईवे पर ओवरब्रिज का निर्माण किया गया था। इस ओवर ब्रिज से प्रतिदिन हजारो लोग आवागमन करते हैंl
2011 में ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हुआ ।ओवरब्रिज निर्माण में लगभग चार वर्ष का समय लगा । यह ओवर ब्रिज लगभग दो करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बन कर तैयार हुआ था। 15 सितंबर 2015 को तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने ओवर ब्रिज का शुभारंभ किया। शुभारंभ के बाद हर 2 साल मे ही ओवरब्रिज की सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाता हैl शशि शुक्ला , व्यापारी मनोज मिश्रा , प्रवेश वर्मा, सौरमंडल शुक्ला , सहित कस्बे के अन्य लोगों ने बताया कि गड्ढा युक्त ओवरब्रिज की सड़क पर आए दिन दोपहिया चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं । वहीं ब्रिज पर गढ्ढे होने से ब्रिज के बिम में पड़े लोहे बाहर निकल आए । जिनसे आए दिन भारी व हल्के वाहनों के टायर फटते रहते हैं । लगभग तीन वर्षों से ओवरब्रिज की सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील थी। उसके बाद सेतु निगम द्वारा डामरीकरण करा दिया गया था। लेकिन महज कुछ ही दिनों में दोबारा जस का तस ओवरब्रिज फिर हो चुका है। जो किसी बड़ी दुर्घटना को दावत देते नजर आ रहा हैं । कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क के नवीनीकरण को लेकर आवाज उठाई गई। परंतु अभी तक कोई पहल नहीं की गई । ओवर ब्रिज के रखरखाव को लेकर विभागीय अधिकारी उदासीन हैl भारी वाहनों के गुजरने के साथ ही धूल के गुबार उठने लगते हैं , जिनसे पीछे से आ रहे अन्य वाहनों के चालकों की विजुअलिटी कम हो जाती है । ओवरब्रिज को रोशनी देने के लिए स्ट्रीट लाइटे लगाई गई थी , जलने से पहले ही अधिकांश स्ट्रीट लाइटें गायब हो गई हैंl इस संबंध में अधिशासी आधिकारी लोक निर्माण विभाग अल्का सिंह ने बताया कि हाल ही में सेतु निगम ने ब्रिज को हैंडओवर बीते 2022 में किया हैl एस्टीमेट भेजा जा चुका है । बहुत जल्द ब्रिज का दुरुस्तीकरण कराया जाएगा।

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