लक्ष्मीकांत शुक्ला: खो-खो एसोसिएशन रायबरेली
रायबरेली। स्पष्टीकरण विडंबना यह है कि वर्तमान में समाज में परिवारों में पार्टियों में विघटन की स्थिति पैदा हो गई है खेल संघ भी इससे अछूते नहीं रह गए हैं कुछ तो पूर्व में पदों पर विराजमान लोगों के कार्य प्रणाली और कुछ अति महत्वाकांक्षी लोगों के प्रवृत्ति है जिसके कारण ऐसा हो रहा है। हाकी फुटबॉल वॉलीबॉल ताइक्वांडो खो खो आदि इससे अछूते नहीं रह गए हैं। जनपद रायबरेली में खो-खो की भी काफी भ्रामक स्थिति हो गई है अतःयथा स्थिति से आपको अवगत करा रहा हूं । खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश में खो-खो संघ द्वारा वित्तीय अनियमितताएं और अन्य अनियमिताओं के आरोप में उत्तर प्रदेश खो खो संघ को भंग कर दिया था और एक इंटरम कमेटी गठित की थी इसके विपरीत भंग खो खो संघ के लोग दिल्ली न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर दिया और वहां के निर्णय के अनुक्रम में हाई कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश के देखरेख में निर्वाचन संपन्न हुआ किंतु निर्वाचित कमेटी खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया को मांगे गए विवरण वित्तीय स्थिति स्पोर्ट कोड के अनुपालन की सूचना उपलब्ध कराने में असमर्थ रही जिसके कारण खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें मान्यता नहीं प्रदान की और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का अहित ना हो जिसके अनुक्रम में सीधे उत्तर प्रदेश के विभिन्न आयू वर्ग के खो खो खिलाड़ियों का अपने एक्सपर्ट भेज कर चयन कराकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करा रही है इसमें रायबरेली जनपद के खिलाड़ियों को भी भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है वर्तमान में उषा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इंदौर में प्रतिभाग भी कर रही है तथा जनपद रायबरेली के स त्य प्रकाश तिवारी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में टेक्निकल ऑफिशियल के रूप में कार्य कर रहे हैं।इसी परिपेक्ष में अमान्य खो खो संघ फिर से दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी याचिका दायर की है जो वि चाराधीन है और अभी उनके पक्ष में ना तो कोई निर्णय हुआ है और ना ही खो-खो फेडरेशनऑफ इंडिया ने उन्हें मान्यता ही प्रदान की है और ना ही उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ ने ही।ऐसी स्थिति में कुछ लोग मिलकर जिसमें कई मेरे शिष्य ही हैं जनपद रायबरेली में खो खो की प्रतियोगिता करा रहे हैं । यथार्थ स्थिति की जानकारी संस्थाओं को न होने के कारण आयोजकों के प्रयास से वह अपनी टीमों को इसमें प्रतिभागभी कर सकते हैं।उसमें भाग लेना न लेना उनके विवेक और इच्छा पर निर्भर करता है बशर्ते उन्हें यथाशक्ति की जानकारी हो जाए ।मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है। सही प्लेटफॉर्म पर बच्चों को खेलने का अवसर मिलना ही चाहिए। सुलभ संदर्भ हेतु खो खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा जारी पत्र संलग्न है।
