1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीरों ने पूरे भारत में शहादत दी तो महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।
दैनिक बुद्ध का संदेशरा
यबरेली। वीरांगना ऊदा देवी पासी ने अपने पति मक्का पासी की शहादत पर प्रण लिया कि वह अंग्रेजों से बदला लेंगे और अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह की बेगम हजरत महल की सेना में भर्ती होकर 16 नवंबर 1857 को सिकंदराबाद लखनऊ में सैनिक भेष में पीपल के पेड़ से 36 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया तो अंग्रेज अधिकारी कैंपबेल की गोली से शहीद वीरांगना ऊदा देवी को देखकर उसने अपनी हैट उतार कर सेल्यूट किया और कहा कि मैं ऐसी जमीन को सलाम करता हूं जिसने ऐसी वीरांगनाओं को जन्म दिया 16 नवंबर 2023 को इस वीरांगना के शहादत समारोह को काका बैंक्विट हॉल जैतूपुर रोड, मलिक मऊ में बड़े धूमधाम से मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सुशील पासी प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वीरांगना ऊदा देवी पासी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया

इस पावन अवसर पर शत्रोहन सोनकर अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, के पी राहुल जी लेखक विचार एवं चिंतक, वीरेंद्र यादव जिला पंचायत सदस्य डलमऊ, अर्जुन पासी पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सलोन, हरिश्चंद्र आरपीएस इंटर कॉलेज, यशपाल एडवोकेट जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय भागीदारी मिशन, विचित्र चौधरी,योगेश सर मिशन कोचिंग, राहुल बाजपेई, अंकुर चौधरी, सुमित्रा रावत, सोना रावत महिला जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय भागीदारी मिशन, हनोमान अंबेडकर, विजय पासी, लाल गोपाल यादव, रमेश यादव, प्रमोद यादव आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे ।
