
हिमांशु अग्रहरि जिला संवाददाता
मीराजापुर 07 मार्च 2024- मण्डलायुक्त डाॅ0 मुथुकुमार स्वामी बी0 एवं जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशन में एवं अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 शिव प्रताप शुक्ल के मार्गदर्शन में जनपद मीरजापुर में होटल जेनेक्स महंत शिवाला में मंडल के तीन जनपद मीरजापुर, सोनभद्र एवं भदोही से 100-100 की संख्या में आए कुल 300 महिला स्वयं सहायता समूह के प्रमुखों का आपदा जोखिम न्यूनीकरण विषय पर प्रशिक्षण कराया गया। इस प्रशिक्षण को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा जारी किए गए प्रशिक्षण कार्यशाला के बिंदुओं के क्रम में कराया गया है। प्रशिक्षण का शुभारंभ मण्डलायुक्त डाॅ0 मुथुकुमार स्वामी बी0, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, राज्य परियोजना निदेशक आपदा प्रबंधन डाॅ खनिज फातिमा एवं अन्य अधिकारी गण के द्वारा मां विंध्यवासिनी की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। महिला प्रतिभागियों को उनके स्थानीय जनपद से प्रशिक्षण स्थल तक लाने के लिए कल 06 बसों को जिला प्रशासन द्वारा समस्त तीनों जनपद में लगाया गया।
मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा दिए गए आपदा जोखिम न्यूनीकरण के 10 एजेंडा बिंदुओं में से तीसरे एजेंडा बिंदु के अंतर्गत आपदा के जोखिम को न्यूननीकृत करने हेतु महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जिस पर मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा निर्देशन स्वरुप महिला स्वयं सहायता समूहों यसेल्फ हेल्प ग्रुप्स वोमेनद्ध की आपदा जोखिम न्यूनीकरण में भूमिका विषय पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणए मीरजापुर के माध्यम से इस प्रशिक्षण को पूर्ण कराया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त डाॅ0 मुथुकुमार स्वामी बी0 ने विभिन्न आपदाओं जैसे की आकाशीय विद्युत, डूबना, लूप प्रकोप, सर्पदंश, बाढ़, भूकंप इत्यादि में क्या करें एवं क्या ना करें के संबंध में मार्गदर्शन दिया एवं समस्त प्रशिक्षणार्थियों को उत्साहित किया जिससे कि वह बढ़.चढ़कर हिस्सा लें एवं इस प्रशिक्षण में दिए जाने वाले ज्ञान का अर्जन कर। मण्डलायुक्त द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि शीघ्र ही जनपद मीरजापुर में आकाशीय विद्युत से होने वाली जनहानियों के न्यूनीकरण हेतु 80 लाइटनिंग अरेस्टर विभिन्न जगहों पर लगाए जाने हैं। यह भी बताया गया कि जब भी आपदा आती है तो सबसे पहले स्थानीय स्तर पर कम्युनिकेशन फेल होता है तो हमें यह सोचना अत्यंत जरूरी है कि आपदा के दौरान कैसे बचाव करना है। उन्होनें बताया कि आकाशीय विद्युत के दौरान खुले खेत में, पेड़ के नीचे, तालाब के नजदीक, बिजली के खभों के इत्यादि के नजदीक बिल्कुल ना रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष संभावित आकाशीय विद्युत के मौसम में सर्वप्रथम पक्के मकान की शरण में चले जाएं एवं पक्के मकान से दूर है तो वहां तक शीघ्र पहुंचाने की कोशिश करें।
राज्य परियोजना निदेशक आपदा प्रबंधन डाॅ खनिज फातिमा द्वारा अवगत कराया गया कि विभिन्न आपदाओं में बचाव के दौरान महिला स्वयं सहायता समूह के प्रमुखों कि क्या जिम्मेदारी होगी एवं कैसे वह प्रभावित समुदाय का बचाव करेंगी स उपमहानिरीक्षक 11 वी बटालियन एन0डी0आर0एफ0 मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में महिला स्वयं सहायता समूह के प्रमुखों को एन0डी0आर0एफ0 टीम कमांडर संतोष कुमार और उनकी प्रशिक्षित टीम के द्वारा आग लगी में क्या करें व क्या ना करें, स्ट्रेचर बनाना, सीवपीवआर देना, रस्सिन बचाओ तकनीक, सड़क सुरक्षाए इंप्रोवाइज्ड फ्लोटिंग डिवाइस बनानाए घरेलू संसाधनों का उपयोग करके राहत एवं बचाव के संसाधन बनाना इत्यादि पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में डाॅ अनिल ओझा द्वारा सर्पदंश से बचाव के संबंध में क्या करें एवं क्या ना करें के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम समापन से पूर्व समस्त 300 प्रतिभागी महिलाओं से कुछ प्रशिक्षण में बताये गये सवाल पूछे गए जिसका सही उत्तर देने वाली मंडल के तीनों जनपद कि कुछ महिला प्रतिभागियों को रुपए 1000 प्रत्येक प्रतिभागी के अनुसार पुरस्कार राशि भेंट कि गयी। प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, राज्य परियोजना निदेशक आपदा प्रबंधन डाॅ खनिज फातिमा, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे देवेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, एन0डी0आर0एफ0 टीम के कमांडर संतोष कुमार और उनकी प्रशिक्षित टीम, उपजिलाधिकारी सदर आशाराम वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सीवएल वर्मा, उपायुक्त एन0आर0एल0एम0 अनय मिश्रा, अपर उपजिलाधिकारी भरत लाल सरोज, डाॅ अनिल ओझा, नायब तहसीलदार राहुल मिश्रा, जिला आपदा विशेषज्ञ अंकुर गुप्ता, और उनकी प्रशिक्षित टीम वरिष्ठ सहायक कलेक्ट्रेट अनूप सांतुवाला एवं अन्य प्रतिभागीगण व कर्मचारी गण उपस्थित रहें।
