जब खाली रहेंगी झोली तब कैसे होगी होली
होली पर तीखी होती दिख रही है मनरेगा मजदूरों की गुझिया
महराजगंज रायबरेली। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के तहत ग्राम पंचायत में नवंबर माह के बाद से अभी तक मनरेगा मजदूरों की मजदूरी न आने की वजह से जहां एक तरफ ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में बाधा आ रही है तो वही आने वाले समय में त्योहार भी आने वाले हैं और आखिर मनरेगा मजदूरों की होली कैसे मनेगी यह चिंता इस समय ग्राम प्रधान से लेकर मनरेगा मजदूरों को खाए जा रही है कुछ ग्राम प्रधानों ने बताया कि नवंबर माह में पैसा आया था 4 माह बीत जाने के बाद अभी तक मनरेगा मजदूरों की मजदूरी न आने की वजह से जहां एक तरफ ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में बाधा आ रही है और मजदूर काम करने को तैयार नहीं है तो वही आने वाले समय में होली जैसा बड़ा त्यौहार इसी मार्च माह में पड़ रहा है ।और जब मजदूरों के पास धन ही नहीं रहेगा तो वह त्यौहार कैसे मनाएंगे प्रधानों बताया कि मजदूरों का कार्य होता है कि दिनभर मजदूरी करते हैं और शाम को मजदूरी की आशा करते हैं सप्ताह में भी मजदूरी अगर आ जाती है तो उनके चूल्हे बड़े आराम से जलते हैं लेकिन पिछले 4 महीने से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी न आने की वजह से जहां एक तरफ हम ग्राम प्रधानों को मजदूर नहीं मिल रहे हैं तो वहीं मनरेगा मजदूरों को भी खाने के लाले पड़े हुए हैं हम सभी की शासन से मांग है कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी जल्द से जल्द आए जिससे कि उन्हें परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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प्रशासन की उदासीनता मनरेगा मजदूरों पर भारी पड़ रही है आने वाले समय में होली जैसा त्यौहार पड़ रहा है उसके बाद भी अभी तक मनरेगा मजदूरों के खाते में पैसा ना आने की वजह से उनकी होली फीकी पड़ती हुई दिखाई पड़ रही है
